Sunday, 9 October 2016

10 लाख से ऊपर की कृषि आय पर टैक्स क्यों न लगे?



पिछले कुछ बरसों में अपने आय कर रिटर्न में लाखों लोगों ने लाखों करोड़ की कमाई खेती से दिखायी है. ज़ाहिर-सी बात है कि यह काला धन है, जो खेती के बहाने खुलेआम सफ़ेद किया जा रहा है. ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक़ अरबों का मुनाफ़ा कमाने वाली तमाम बहुराष्ट्रीय बीज कम्पनियों ने कृषि आय के नाम पर कोई टैक्स नहीं दिया. यह कहाँ की बात हुई भला? इसी तरह बहुत-से व्यक्तियों ने सैकड़ों करोड़ की कमाई खेती से दिखायी है. छोटे-मँझोले किसानों को कृषि आय पर टैक्स में छूट दीजिए, लेकिन करोड़ों कमानेवालों को छूट क्यों? कोई सीमा तो हो, जैसे दस लाख से ज़्यादा की सालाना कृषि आय पर टैक्स लगे! सारे छोटे-मँझोले किसान इस सीमा के भीतर जायेंगे, बाक़ी जिसकी कमाई दस लाख से ऊपर हो, उसे क्यों नहीं टैक्स देना चाहिए?
काला धन कैसे ख़त्म हो सकता है, कुछ ठोस सुझाव दे रहे हैं क़मर वहीद नक़वी अपने साप्ताहिक कालम 'राग देश' में. Click to Read.

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